मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए आयुर्वेद के घरेलू उपायों को अपनाना कारगर

 इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने के लिए डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ जिन चीजों के सेवन की सलाह दे रहे हैं, उन्हीं चीजों से एक महत्वपूर्ण चीज है— काढ़ा।

 काढ़ा यानी एक तरह का आयुर्वेदिक ड्रिंक। प्राचीन काल से ही काढ़ा हमारे जीवन का हिस्सा रहा है। खासकर कोरोना काल में आयुर्वेद से दूर रही आबादी भी वापस इसकी शरण में लौटी है। इम्यूनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय पिछले कुछ महीनों में ज्यादा व्यवहार में लाए गए हैं। 

मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए आयुर्वेद के घरेलू उपायों को अपनाना कारगर साबित हुआ है। आज हम उन्हीं कारगर उपयों के अंतर्गत कुछ विशेष प्रकार के काढ़ा पर बात करेंगे और इन्हें तैयार करने की विधि भी बताएंगे। 

आयुर्वेद के मुताबिक, शरीर की इम्यूनिटी बना रखने के लिए तुलसी, अश्वगंधा, हल्दी, गिलोय आदि का काढ़ा पीना मददगार साबित हो सकता है।

 इन चीजों का सेवन हाल के दिनों में काफी बढ़ा है। आयुर्वेदिक दुकानों में गिलोय का जूस, आंवला का जूस, अश्वगंधारिष्ट आदि तैयार भी मिलते हैं। लेकिन आप घर में जो आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार करते हैं, वह भी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है।

 कुछ आसान तरीकों से आप घर पर काढ़ा तैयार कर सकते हैं। इसे बनाने का तरीका हम आपको बता रहे हैं। 

सबसे पहले बताते हैं अश्वगंधा का काढ़ा बनाने की विधि

इसके लिए आपको चाहिए, अश्वगंधा पाउडर, शहद और नींबू

एक बर्तन में एक गिलास पानी डालें और एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर डालें।

इस पानी को कम से कम 10 मिनट के लिए उबलने दें। 

अब इसमें शहद और नींबू का रस डाल दें और गैस बंद कर छान लें। 

काढ़ा तैयार है। दिन में एक या दो बार पी सकते हैं।

तुलसी का काढ़ा

इसके लिए आपको चाहिए, तुलसी की 8-10 पत्तियां, हरी इलायची, काली मिर्च, अदरक और मुनक्का

एक बर्तन में दो गिलास पानी डालें और उसे धीमी आंच पर चढ़ाएं। 

इसमें तुलसी की 6-8 पत्तियां, एक इलायची, 3-4 काली मिर्च, जरा सी अदरक और 1-2 मुनक्का डाल दें। 

अब इसे 15 मिनट तक उबलने दें। पानी आधा बचने पर छान लें। 

हल्का गुनगुना होने पर इसका सेवन करें। 

त्रिफला का काढ़ा

इसके लिए आपको चाहिए, त्रिफला चूर्ण। 

सबसे पहले दो गिलास पानी को एक पैन में डालकर धीमी आंच पर चढ़ा दें। 

अब इसमें 2 चम्मच त्रिफला चूर्ण डालें और पानी आधा होने तक खौलाएं। 

जब पानी आधा हो जाए तो गैस बंद कर दें। 

अब इसे छान लें और हल्का गुनगुना होने पर सेवन करें। 

नोट: यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए है। आयुर्वेदिक डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेकर इन चीजों का सेवन करना ज्यादा श्रेयस्कर है।

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