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अंगूर रबड़ी बिल्कुल रस मलाई

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 अंगूर रबड़ी बिल्कुल रास मलाई की तरह ही बनाई जाती है लेकिन गुल्ला इस रेसिपी के लिए लगभग अंगूर के आकार का होता है और यही कारण है कि इसे अंगूर रबड़ी कहा जाता है।    अंगूर के लिए सामग्री: 2 कप दूध 1/8 कप नीबू का रस 21/2 टेबल-स्पून चीनी या अपनी पसंद के अनुसार 21/4 कप पानी  प्रेशर कुकर में 20 अंगूरों का निर्माण रबड़ी के लिए सामग्री: 3 कप दूध 1/4 कप चीनी (समायोजित करें)  अपने स्वादानुसार) 1/8 छोटा चम्मच इलाइची क्रश करें 1 बड़ा चम्मच कटे हुए बादाम और पिस्ता सजाने के लिए।    अंगूर बनाना: आटे को लगभग 18-20 बराबर भागों में बाँट लें और उनके चिकने गोले बना लें।  गोले बनाने के लिए पहले थोड़ा सा दबाव डालें और फिर गोले बनाते समय छोले के आकार के गोले बना लें।   मध्यम आँच पर एक प्रेशर कुकर में चीनी और पानी डालकर उबाल लें।  पनीर बॉल्स डालें और प्रेशर कुकर को बंद कर दें।  प्रेशर कुकर में भाप आने के बाद, आँच को मध्यम कर दें और लगभग सात मिनट तक पकाएँ या 1 या 2 सीटी सुनें।   सुनिश्चित करें कि कुकर तैयार रसगुल्ला पैटी को समायोजित करने के लि...

How to grow Lemon tree in a Pot? घर पर बर्तन में नींबू कैसे उगाएँ? देखें डिटेल्स

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 हम में से अधिकांश खाना पकाने के व्यंजनों में उपयोग किए जाने वाले खट्टे स्वाद के लिए बाजारों और दुकानों से नींबू खरीदते हैं।  वे बाजार, दुकानों और सस्ते में आसानी से उपलब्ध हैं।  आपके घर में बढ़ते नींबू न केवल आपके स्वास्थ्य का मार्गदर्शन करते हैं, बल्कि आपके अहाते की सुंदरता को भी बढ़ाते हैं।  साइट्रस लिमोन नींबू का वैज्ञानिक नाम है।  यह रुटेशी के परिवार का एक सदाबहार पेड़ है जो भारत का मूल निवासी है और मैक्सिको, चीन, अर्जेंटीना और ब्राजील में अच्छी तरह से बढ़ता है।   इसमें पीएच के साथ 2-6% साइट्रिक एसिड होता है जो 2.2 के आसपास होता है और स्वाद के लिए खट्टा होता है।  आमतौर पर पौधे 10-15 फीट की ऊँचाई तक बढ़ता है, जो कि किस्म पर निर्भर करता है।  नींबू का गूदा और छिलका पेय, खाना पकाने और पाक में उपयोग किया जाता है।   नींबू का पोषण:  नींबू विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत हैं।  इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और एंटीऑक्सिडेंट जैसे साइट्रिक एसिड, एरीओसिट्रिन और फ्लेवोनोइड भी शामिल...

World Yoga Day 2020 : " करें योग रहें निरोग", देखें योग दिवस पर मॉडर्न तकनीक

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योग भारत की प्राचीन विरासत है। जिसके माध्यम से ऋषि मुनि स्वस्थ रहा करते थे। धीरे-धीरे इसे आम जनमानस ने अपनाना शुरू कर दिया।  लेकिन ऋषियों द्वारा किया जाने वाला योग का ये स्वरुप अत्यंत कठिन होता था। जिसकी वजह से सामान्य मनुष्य के लिए उसे कर पाना काफी मुश्किल भरा था।  ऐसे में योग की नई मुद्राओं और आसन की खोज की गई। जिसे सभी जन आसानी से कर स्वस्थ शरीर पा सकें। बात करें योग के प्रकारों की तो इसके बहुत सारे प्रकार बताए गए हैं। जैसे कृपालु योग, इष्ट योग.कुंडलिनी योग, आनंद योग, शिवानंद योग, स्वरूप योग, विनियोग लेकिन हम आपको इन योग के सबसे प्रचलित योग के बारे में बताएंगे। अष्टांग योग : अष्टांग योग को राजयोग भी कहा जाता है। मूलत: यहीं योग सबसे ज्यादा प्रचलित है। महर्षि पतंजलि के बताए योग अष्टांग योग ही होते हैं। इस योग के आठ अंग है- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि।  इन आठों अंगों के अपने उप अंग भी  हैं। लेकिन ज्यादातर आम लोग इसके तीन अंगों को करते हैं। आसन, प्राणायाम और ध्यान। हठ योग: 'हठ' शब्द का प्रयोग जिद या जबरदस्ती के लिए कि...

ऐसे पता करें अपनी मजबूत इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता

कोरोना संक्रमण काल में शरीर के जिस सिस्टम या तंत्र पर लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान गया है, वह है हमारा इम्यून सिस्टम यानी हमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता।  हमारी इम्यूनिटी ही है, जो हमें बीमारियों से बचाती है। यह बैक्टीरिया, वायरस, फंगस जैसे टॉक्सिन्स से लड़ती है और हमारे शरीर को बीमार होने से बचाती है।  हमारी इम्यूनिटी मजबूत हो तो सर्दी, खांसी जैसे वायरल संक्रमण हमसे कोसों दूर रहते हैं।  मजबूत इम्यूनिटी के कारण ही फेफड़े, किडनी और लीवर के संक्रमण, हेपेटाइटिस और अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचाव होता है।  कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर शुरू से कहा जा रहा है कि जिसकी इम्यूनिटी कमजोर होगी, उसे संक्रमण का ज्यादा खतरा है। इसी के चलते तमाम डॉक्टर, विशेषज्ञ और स्वास्थ्य एजेंसियां इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने की सलाह दे रही हैं। दरअसल, हमारे आसपास कई तरह के संक्रामक तत्व या पैथोजंस होते हैं। हमें अंदाजा नहीं होता और हम खाने-पीने की चीजों के साथ उसे ग्रहण कर लेते हैं। प्रदूषण भरे वातावरण में तो सांस लेने के साथ ही हम नुकसानदेह तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं। हालांकि ऐ...

क्या आपके मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द है? करें योगासन जो छुटकारा दिलाएं जोड़ों में दर्द से

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आज के दौर में डेस्क जॉब और हर काम के लिए आरामदायक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना आम बात हो गया है।  ऐसे में मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी एक तरह से आम बात ही हो गया है क्योंकि शारीरिक गतिविधियों के बिना शरीर लचीला और फुर्तीला नहीं हो सकता है।  हालांकि, जोड़ों में दर्द की और वजह भी हो सकती है। वो अलग बात है कि दवाओं के उपयोग से इस दर्द से कुछ समय के लिए लाभ मिलता है लेकिन इसका प्राकृतिक उपचार योग में भी उपलब्ध है। योगा के कुछ आसनों का अभ्यास करने से दर्द जल्द लाभ मिलता है। तो आइए जानते हैं इन खास योगासनों के बारे में...   समतल जगह पर करें प्राणायाम: प्राणायाम करने के लिए किसी समतल जगह पर चटाई बिछाकर पालथी मारकर बैठ जाएं। अब बाएं नाक को दबाकर दाहिने नाक से सांस को अंदर करके दोनों नाकों से सांस को बाहर निकालें।  जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को प्राणायम करने से बहुत ही राहत मिलती है।  सुबह-सुबह साधारण प्राणायम करने से यह समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।   रोजाना करें सेतुबंधासन: सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों ...

गर्मियों में रोज पियें मिट्टी के घड़े का पानी, रहें स्वस्थ और बचें अनेक बीमारियों से

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इस समय लगातार गर्मी बढ़ते जा रही है। ऐसे में गर्मी से राहत पाने के लिए लोग फ्रिज में रखे हुए पानी का सेवन करते हैं। गर्मी के दिनों में फ्रिज के पानी से बेहतर है कि मिट्टी के घड़े में रखे हुए पानी का सेवन किया जाए।  वैज्ञानिक भी इस बात को मानते हैं कि मिट्टी के घड़े का पानी फ्रिज की पानी की अपेक्षा अधिक फायदेमंद होता है। पहले से जब फ्रिज नहीं हुआ करते थे तब मिट्टी के घड़ों में ही पानी रखा जाता था। आइए जानते हैं मिट्टी के घड़े का पानी का सेवन करने के फायदे..... मेटाबॅालिज्म को बूस्ट करने का काम करे घड़े का पानी : मिट्टी के घड़े का पानी मेटाबॅालिज्म को बूस्ट करता है। मिट्टी के घड़े में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होते हैं। Make Easy & Extra $ 450 / Mo For Free? Join a few amazing platforms कब्ज, एसिडिटी, पेट में ऐंठन जैसी पेट संबंधित समस्याएं दूर करे: मिट्टी के घड़े का पानी पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का काम करता है। कई शोधों में इस बात का दावा किया गया है कि मिट्टी के बर्तन में रखे हुए पानी का सेवन करने से कब्ज, एसिडिटी, पेट...

विश्व साइकिल दिवस 3 जून : सर्व सुलभ और गरीबों की भरोसेमंद साइकिल चलायें और सेहत बनायें

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साइकिल का हमारा जीवन में बहुत अधिक महत्व होता है। आज 3 जून है और 2018 से हर साल इस दिन को विश्व साइकिल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ये साइकिल ही है जो एक गरीब के पास भी होती है और अमीर के पास भी। आज साइकिल डे पर हम आपको बताएंगे साइकिल से होने वाले फायदों के बारे में।  सबसे पहले साइकिल:  बच्चा जब धीरे-धीरे बड़ा होता है तो उसे सबसे पहले साइकिल चलाना ही सिखाया जाता है।  साइकिल से ही गाड़ी सीखने की शुरुआत होती है। गरीबों की भरोसेमंद साइकिल गाड़ी:  साइकिल सबसे सस्ता साधन है।  जहां आपको दूसरा गाड़ियों में तेल के लिए पैसे खर्च करने होंगे।  वहाँ आपको साइकिल में ऐसा कुछ करने की आवश्यकता ही नहीं है।  स्वास्थ्य के साथ-साथ साइकिल आपके पैसे बचाने का काम भी करता है। सर्व सुलभ साधन साइकिल: साइकिल एक ऐसा वाहन है जिसकी पहुंच समाज के हर वर्ग तक है। बड़ी-बड़ी गाड़ियां सिर्फ कुछ लोगों के पास होती हैं परंतु साइकिल एक ऐसी चीज है जो गरीब से लेकर अमीर के पास भी होती है। इसका इस्तेमाल गरीब भी करता है और अमीर भी। वातावरण के लिए फायदेमंद है:  साइ...

कब्ज, गैस समेत पेट की हर समस्याओं के लिए करें योगा, जानें खास योगासन और उनका अभ्यास

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हमारे खानपान का सीधा असर हमारे सेहत पर पड़ता है। खानपान में अनियमितता और खराब जीवनशैली के कारण आज के समय में लगभग हर तीसरे व्यक्ति को पेट से जुड़ी कोई न कोई समस्या जरूर है। क्रिया-कलाप के अभाव और खराब खानपान के वजह से ही बच्चों में पेट के कीड़े और खराब पाचन शक्ति की समस्या देखने को मिलती है।  पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए आप अपने खानपान पर विशेष ध्यान रखते हुए कुछ योगासन का अभ्यास कर सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ खास योगासनों के बारे में बताएंगे, जिनके नियमित अभ्यास से पेट से जुड़ी हर समस्या दूर हो जाएगी। कपालभाति प्राणायाम: कपालभाति प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएं और अपनी हथेलियों को घुटनों पर रखें। अपनी हथेलियों की सहायता से घुटनों को पकड़कर शरीर को एकदम सीधा रखें। अब अपनी पूरी क्षमता का प्रयोग करते हुए सामान्य से कुछ अधिक गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को फुलाएं। इसके बाद झटके से सांस को छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खिंचे। जैसे ही आप अपने पेट की मांसपेशियों को ढीला छोड़ते हैं, सांस अपने आप ही फेफड़ों में पहुंच जाती है।  इस...

आँखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा हटाने के घरेलू नुस्खे, ऐसे आजमाएं

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आँखों की रोशनी कम होने की वजह है भोजन में विटामिन एकी कमी, जिस कारण से छोटी उम्र से ही आंखें कमजोर होने लगती हैं।  दूसरा कारण घंटों कंप्यूटर पर बैठकर काम करना या टेलीविजन देखना।  तीसरी वजह आँखों की पर ध्यान न देना।  ये कुछ कारण हैं जो आँखों की रोशनी को कम करते हैं और आपको चश्मा लगाने के लिए विवश करता है कुछ और कारण भी है जैसे की आधुनिक दौर में शुद्धता, काम का दबाव, तनाव, पोषण की कमी, अधिक पढाई जैसे कारकों के कारण लोग  के चश्मे के नंबर बढ़ते जा रहे हैं।   आँखों को धूल और इन्फेक्शन से बचाने के अलावा यहां कुछ ऐसे तरीके बताये जा रहे हैं जो आपकी आँखों की दृष्टि बढ़ा सकते हैं।  घरेलू उपचार द्वारा आँखों की रोशनी किस तरह बढ़ाई जा सकती है आइये जानते हैं।  आँखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू नुस्खे:   पहला प्रयोग: छः से आठ महीने तक नियमित जलनेति करने से और पाँव के तलवों और कनपटी पर गाय का घी घिसने से लाभ होता है।   दूसरा प्रयोग: 7 बादाम, 5 ग्राम मिश्री और 5 ग्राम सौंफ तीनों को मिलाकर उसका चूर्ण बनाकर रात्रि को सोने से पहले दूध के साथ लेने से न...

केसरी गुझिया - स्वाद और सेहत से भरपूर, खाएं और सेहत बनाएं

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केसरी गुझिया बनाने की विधि- सामग्री- 1 कटोरी मूंग की दाल 1 कटोरी मावा 1/2 कटोरी मैदा  1 कटोरी पिसी चीनी  3 बड़ा चम्मच देसी घी  8-10 धागा केसर  2 कटोरी चीनी  2 कटोरी पानी  2 बड़े चम्मच बारीक कटे हुए बादाम-पिस्ता  4-5 हरी इलायची रिफाइंड तेल तलने के लिए चांदी का वर्क सजाने के लिए ऐसे बनाएं केसरी गुझिया- दाल को 4-5 घंटे के लिए भिगोएं। उसके बाद इसे धोकर बारीक पीसें। एक कड़ाही में घी गरम कर मूंग पेस्ट को तब तक भूनें, जब तक कि उसका पानी न सूख जाए।  ध्यान रखें कि दाल में कोई गांठ न पड़े। एक अलग कड़ाही में मावे को भी भूनें। फिर दाल, मावा, हरी इलायची और पिसी हुई चीनी को एक साथ मिलाकर भरावन की सामग्री तैयार करें।  चीनी और पानी को लेकर एक तार की चाशनी बनाएं। चाशनी को साफ करने के लिए उसमें थोड़ा-सा दूध डालें। चाशनी के ऊपर जो भी गंदगी आए, उसे चम्मच से हटा दें। उसके बाद चाशनी में केसर भी मिला दें। अब मैदे में 3 बड़े चम्मच रिफाइंड तेल मिलाएं। फिर इसे मुलायम गूंथ लें। मैदे की छोटी-छोटी पूरियां बेलकर दाल वाले मिश्रण को रखें और गुझिया क...

Uric Acid Home Remedies ( यूरिक एसिड का घरेलू उपचार) : हाई यूरिक एसिड में रामबाण है धनिया पत्ता, ऐसे करें इस्तेमाल

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यूरिक एसिड एक ऐसा केमिकल है जो शरीर में तब बनता है जब शरीर प्यूरीन नामक केमिकल का संसाधन करता है यानि उसको छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ता है।  शरीर में जब यूरिक एसिड अधिक मात्रा में बनने लगता है तो इससे लोग कई बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं।  गठिया रोग, जोड़ों में दर्द, गाउट (एक प्रकार का गठिया) और सूजन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का एक आम कारण यूरिक एसिड का बढ़ना भी माना जाता है।  प्यूरीन केमिकल हमारे शरीर में खुद-ब-खुद तो बनते ही हैं, साथ में ये केमिकल कुछ फूड आइटम्स में भी मौजूद होते हैं । ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए क्या खाना फायदेमंद रहेगा और क्या नहीं। हाई यूरिक एसिड के लिए धनिया पत्ता का सेवन हो सकता है लाभदायक- यूरिक एसिड के मरीज इसलिए खाएं धनिया पत्ता: हरा धनिया में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, साथ ही इसमें डाइ-यूरेटिक गुण भी मौजूद होते हैं जिससे किडनी एक्टिव रूप से फंक्शन करने में सक्षम होता है।  इन सब के अलावा धनिया पत्ता में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण भी पाए जाते हैं जो ...

ये जादुई पौधे - जुकाम से राहत ही नहीं याददाश्त बढ़ाने में भी मदद करते हैं, जानें गजब के फायदे

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घर में पेड़-पौधे लगाना केवल सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि आपके घर की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है।  जानते हैं कुछ ऐसे पौधों के बारे में, जो बीमारियों के इस दौर में आपके घर की आबोहवा सुधारने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जब घर में पेड़-पौधे लगाने की बात हो  तो पहले बागवानी के एक्सपर्ट बनने की चिंता में न पड़ जाएं। रख-रखाव में कुछ बेहद आसान पौधों को चुनकर भी आप अपने घर को हरा-भरा बना सकते हैं। घर में हरियाली बिखेरने वाले कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जिन्हें कम से कम देखभाल की जरूरत पड़ती है, लेकिन उनसे आपको ज्यादा से ज्यादा सेहत का फायदा होता है।  ऐसे पौधों से आपको जुकाम में राहत से लेकर याददाश्त बढ़ाने जैसे फायदे भी होते हैं। नासा के एक अध्ययन के अनुसार घरेलू पौधे घर की हवा से 87 फीसदी तक विषाक्त तत्वों को साफ कर सकते हैं और, कुछ अध्ययन पहले से ही यह बता चुके हैं कि इनसे एकाग्रता में वृद्धि होती है, उत्पादकता बढ़ती है और सामान्य स्वास्थ्य भी अच्छा होता है।  सच तो यह है कि हरियाली को सिर्फ देखने भर से ही दिमाग को सुकून मिलता है और मूड अच्छा हो जाता है। Career in Food S...

सर्दियों में बाल झड़ते हैं? क्या डैंड्रफ से परेशान हैं?, यहां देखें कमाल का इलाज

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लहसुन बालों के स्वस्थ विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है।  लहसुन में सल्फर और सेलेनियम होते हैं, जो बालों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।  लहसुन न केवल बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है, बल्कि यह मौजूदा बालों को भी मजबूत बनाता है। लहसुन को पारंपरिक रूप से भोजन में एक अलग स्वाद लाने के लिए उपयोग किया जाता है।  इसके अलावा, लहसुन को विभिन्न बीमारियों को ठीक करने के लिए औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है।  स्वस्थ बालों के लिए भी लहसुन बेहद फायदेमंद है।  खासकर लहसुन उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी है जो बालों के झड़ने की समस्या से परेशान है।  जानते हैं कि लहसुन कैसे आपके बालों की ग्रोथ में मददगार है। Top career Making Options for women in India and Abroad डैंड्रफ से छुटकारा पाने के लिए:  लहसुन में एलिसिन एक एंटी-फंगल गुण होता है, जो कवक को मार सकता है।  यह ओलिक एसिड से भी संबंधित है, जो रूसी का कारण बनता है।  बालों की ग्रोथ के लिए कर्टचा लहसुन बेहद लाभदायक होता है।  इसमें विटामिन सी होता है।  लहसुन में मौजूद सेलेनियम बल्ड सरकुलेश...

सर्दियों में हीटर ! समझ लें यह जरूरी बातें, कहीं देर न हो जाय

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जाड़ों में हीटर का साथ मिल जाए तो ऐसा महसूस होता है जैसे दुनिया भर की सारी सुविधाएं मिल गई हों।  पर साथ में दो चिंताएं भी रहती हैं। पहली बिजली खपत की और दूसरी हीटर से होने वाले शारीरिक नुकसान की।  शारीरिक नुकसान की चिंता ज्यादा बड़ी मानी जा सकती है, क्योंकि हीटर शरीर से नमी सोखने का काम करते हैं, जो आगे चल कर काफी नुकसानदायक हो सकता है। यह शरीर में ऑक्सिजन भी घटाते हैं। इसके विभिन्न पहलुओं के बारे में बता रही हैं चयनिका निगम चिमनी वाले हीटर अच्छे, पर महंगे वेंटफ्री इलेक्ट्रिक हीटर सेहत के लिए उतने नुकसानदायक नहीं होते हैं। वजह होती है, इनकी चिमनी, जिनसे वेंटिलेशन अच्छा रहता है। और हीटर से निकलने वाली खतरनाक गैसें जैसे कार्बन मोनो-ऑक्साइड कमरे से बाहर निकल जाती है। पर ये औरों की तुलना में महंगे होते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग इनको नहीं खरीदते।  जबकि अनवेंटेड इलेक्ट्रिक हीटर का चुनाव ज्यादातर लोग करते हैं, जिनसे बुरे तत्व बाहर नहीं निकल पाते और तमाम तरह की हानिकारक गैसें कमरे में ही रहकर सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं। हीटर से गर्मी ही नहीं, मिलती हैं झुर्रिया...

सेहत के लिए फायदेमंद होती है गाजर, महिलाओं के लिए है यह वरदान समान

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आपने अपनी रसोई को सर्दियों के फ्लेवर से सजा लिया होगा।  इस मौसम में फल और सब्जियों की भरमार होती है। लेकिन हरी सब्जियों के मौसम में  एक सब्जी ऐसी है जो अमूमन हर किसी के किचन में आपको आराम से मिल जाएगी और वो है गाजर। गाजर को आप सलाद से लेकर सब्जी, हलवा, अचार, जूस और मुरब्बे के तौर पर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसे खाने के तमाम फायदे आप जानते होंगे, पर क्या आप जानते हैं कि महिलाओं के लिए यह वरदान समान है।  आइए जानते हैं इससे होने वाले फायदों के बारे में। दरअसल, पीरियड्स के दिन महिलाओं के लिए तकलीफ भरे होते हैं। बहुत सारी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द, पैरों में दर्द, स्वभाव में चिड़चिड़ापन और अनियमित स्त्राव की शिकायत रहती है।  अगर आपको भी इनमें से कोई शिकायत है तो आपको बता दें गाजर का जूस आपको इससे राहत दिलाने में मदद करेगा। अगर आपको गाजर का जूस नहीं पसंद है तो आप गाजर खा भी सकते हैं।  गाजर का सेवन करने से ब्लड फ्लो ठीक होता है और इससे आपको दर्द में भी राहत मिलती है।  पीरियड्स के दौरान खून निकलने से अनीमि...

आजमाएं ये चमत्कारी नुस्खे, पेट की गैस चुटकियों में होगी ठीक

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आज के समय में न सिर्फ बड़े-बूढ़े बल्कि बच्चे और युवा भी पेट में गैस की समस्या से पीड़ित रहते हैं।अगर समय चलते इस समस्या का इलाज नहीं किया जाता तो आगे चलकर यह आपकी सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इसे ठीक करने के लिए आपको मंहगी दवाईयों की जरूरत नहीं बल्कि गैस का इलाज किचन में मौजूद इन खास चीजों की मदद से भी किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं क्या हैं ये गजब के नुस्खे।  दालचीनी दालचीनी गैस की समस्या दूर करने में मदद करती है। इसके लिए एक चम्मच दालचीनी पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर पीजिए। आप चाहें तो इसमें शहद भी डाल सकते हैं।  अदरक गैस की समस्या से निजात पाने के लिए अदरक का सेवन करें। इसके लिए अदरक, सौंफ और इलायची को बराबर मात्रा लें और पानी में अच्छी तरह घोल दें। साथ ही इसमें एक चुटकी हींग भी डालें। दिन में एक-दो बार इसे पीने से आपको आराम मिलेगा।  नींबू और बेकिंग सोडा नींबू और बेकिंग सोडा गैस की समस्या को चुटकियों में दूर करते हैं। एक नींबू के रस में बेकिंग सोडा डालें फिर इसमें पानी तथा थोड़ा और बेकिंग सोडा और मिला लें। इसे अच्छे से घोलने के बा...