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अंगूर रबड़ी बिल्कुल रस मलाई

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 अंगूर रबड़ी बिल्कुल रास मलाई की तरह ही बनाई जाती है लेकिन गुल्ला इस रेसिपी के लिए लगभग अंगूर के आकार का होता है और यही कारण है कि इसे अंगूर रबड़ी कहा जाता है।    अंगूर के लिए सामग्री: 2 कप दूध 1/8 कप नीबू का रस 21/2 टेबल-स्पून चीनी या अपनी पसंद के अनुसार 21/4 कप पानी  प्रेशर कुकर में 20 अंगूरों का निर्माण रबड़ी के लिए सामग्री: 3 कप दूध 1/4 कप चीनी (समायोजित करें)  अपने स्वादानुसार) 1/8 छोटा चम्मच इलाइची क्रश करें 1 बड़ा चम्मच कटे हुए बादाम और पिस्ता सजाने के लिए।    अंगूर बनाना: आटे को लगभग 18-20 बराबर भागों में बाँट लें और उनके चिकने गोले बना लें।  गोले बनाने के लिए पहले थोड़ा सा दबाव डालें और फिर गोले बनाते समय छोले के आकार के गोले बना लें।   मध्यम आँच पर एक प्रेशर कुकर में चीनी और पानी डालकर उबाल लें।  पनीर बॉल्स डालें और प्रेशर कुकर को बंद कर दें।  प्रेशर कुकर में भाप आने के बाद, आँच को मध्यम कर दें और लगभग सात मिनट तक पकाएँ या 1 या 2 सीटी सुनें।   सुनिश्चित करें कि कुकर तैयार रसगुल्ला पैटी को समायोजित करने के लि...

Mango Halwa Recipe : सूजी-गाजर छोड़ अब ट्राई करें आम का हलवा, खुशबू ही नहीं टेस्ट भी है लाजवाब

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घर पर खुशी का हो माहौल या फिर मेहमानों को करना हो खाने पर इनवाइट, हलवा फूड मेन्यू का एक जरूरी हिस्सा होता है।  आपने आज तक कई तरह के हलवे का स्वाद चखा होगा लेकिन आम का हलवा स्वाद में बेहद लाजवाब होता है।  आइए जानते हैं कैसे बनाया जाता है यह टेस्टी हलवा।    आम का हलवा बनाने के लिए सामग्री-  -सूजी-1 कप - घी-1/2 कप - आम का गूदा-1 कप - दूध-1 कप - ड्राई फ्रूट्स-1 कप - इलायची पाउडर-1/2 चम्मच - मैंगो एसेंस-1/2 चम्मच  आम का हलवा बनाने का तरीका-  आम का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में घी डालकर गर्म कर लें। घी गर्म होने के बाद उसमें सूजी डालकर उसे सुनहरा होने तक भून लीजिए।  अब आप इसमें आम का गुदा और दूध को डालकर कुछ देर चलते हुए पका लीजिए। लगभग 8 मिनट बाद इसमें बाकी अन्य सामग्री को भी डालकर भी पकाकर गैस बंद कर दें।  अब हलवे को एक प्लेट में निकालकर ऊपर से ड्राई फ्रूट्स डालकर सर्व करें।

रोजाना सुबह नींबू पानी पीने से पाचन तंत्र होता है मजबूत, इसके और भी हैं कई फायदे

 रोजाना सुबह उठकर पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसके कई फायदे होते हैं, लेकिन सादा पानी पीने की बजाय आप सुबह रोजाना नींबू पानी पी सकते हैं।  ये आपके वजन को तो नियंत्रित करता ही है, साथ ही इसके कई और फायदे भी होते हैं। नींबू में विटामिन सी और बी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, कार्बोहाइड्रेट आदि तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं।  नींबू पानी पीने से आप पेट से संबंधित कई परेशानियों से बचे रह सकते हैं। मधुमेह के रोगियों लिए भी एक गिलास सादा नींबू पानी फायदेमंद होता है।  आइए जानते हैं कि नींबू पानी पीने के क्या स्वास्थ्य फायदे होते हैं. सुबह उठकर नींबू पानी पीने से आपके शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे आपको लिवर से संबंधित परेशानियां नहीं होती हैं।  लिवर में जमा होने वाले विषैले पदार्थ भी हमारे शरीर के एक्स्ट्रा फैट को बढ़ाते हैं। रोजाना नींबू पानी पीने से पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है, जिससे आप अपने वजन को आसानी से कम कर सकते हैं। रोजाना सुबह उठकर नींबू पानी पीने से आप फ्रेश महसूस करते हैं। आपको पूरे दिन ताजगी का अहसास होता है। इसलिए...

मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए आयुर्वेद के घरेलू उपायों को अपनाना कारगर

 इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने के लिए डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ जिन चीजों के सेवन की सलाह दे रहे हैं, उन्हीं चीजों से एक महत्वपूर्ण चीज है— काढ़ा।  काढ़ा यानी एक तरह का आयुर्वेदिक ड्रिंक। प्राचीन काल से ही काढ़ा हमारे जीवन का हिस्सा रहा है। खासकर कोरोना काल में आयुर्वेद से दूर रही आबादी भी वापस इसकी शरण में लौटी है। इम्यूनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय पिछले कुछ महीनों में ज्यादा व्यवहार में लाए गए हैं।  मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए आयुर्वेद के घरेलू उपायों को अपनाना कारगर साबित हुआ है। आज हम उन्हीं कारगर उपयों के अंतर्गत कुछ विशेष प्रकार के काढ़ा पर बात करेंगे और इन्हें तैयार करने की विधि भी बताएंगे।  आयुर्वेद के मुताबिक, शरीर की इम्यूनिटी बना रखने के लिए तुलसी, अश्वगंधा, हल्दी, गिलोय आदि का काढ़ा पीना मददगार साबित हो सकता है।  इन चीजों का सेवन हाल के दिनों में काफी बढ़ा है। आयुर्वेदिक दुकानों में गिलोय का जूस, आंवला का जूस, अश्वगंधारिष्ट आदि तैयार भी मिलते हैं। लेकिन आप घर में जो आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार करते हैं, वह भी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। ...

क्या आपको डायबिटीज है? यदि हाँ तो ये फल डाइट में जरूर करें शामिल। देखें डिटेल्स

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 डायबिटीज एक बहुत ही आम बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है।  हालांकि लाइफस्टाइल की वजह से यह बीमारी अब लोगों में तेजी से बढ़ रही है जो कि चिंता का विषय है।   डायबिटीज की दर हर साल बढ़ती जा रही है और मौजूदा हालात में लोगों को अपनी सेहत पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है।  डायबिटीज तब होता है जब अग्न्याशय ब्लड शुगर को सही रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है।  इंसुलिन ना हो पाने की वजह से ब्लड शुगर कोशिकाओं में स्टोर नहीं हो पाता है जिसकी वजह से बॉडी में इसका लेवल अनियमित रूप से बढ़ने लगता है।  डायबिटीज बढ़ने की मुख्य वजह से ज्यादा मीठा खाना है।  इसके अलावा और भी कई कारण हैं जो डायबिटीज को बढ़ाने का काम करते हैं।   यह कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में उन पैरों को शामिल करें जो डायबिटीज को कम करने में मदद करते हैं।  अमरूद एक ऐसा फल है जो डायबिटीज को नियंत्रित रखने में मदद करता है।  अमरूद में एक खास तरह को पोषक तत्व पाया जाता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं ...

सेहत के लिए वरदान आंवला जूस ( Benefits of Amla) : पोषक तत्वों का राजा के देखें अनेक बड़े फायदे

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आंवले को पोषक तत्वों का राजा माना जाता है। आंवले में वो सभी जरूरी मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो शरीर को ना सिर्फ स्वस्थ रखते हैं बल्कि कई तरह की बीमारियों को भी बचाने का काम करते हैं।  आंवले को डाइट में कई तरीके से शामिल किया जा सकता है। आप इसे कच्चा खा सकते हैं, इसका जूस पी सकते हैं या फिर अचार या जैम बनाकर भी खा सकते हैं। आंवला हर रूप में आपको फायदा पहुंचाने वाला है। आंवले में ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर सेल्स से लड़ने का काम करते हैं।  आयुर्वेद के अनुसार, आंवले का जूस शरीर की सभी प्रक्रियाओं को संतुलित करता और त्रिदोष यानी वात, कफ, पित्त को खत्म करता है।  आइए जानते हैं आंवला शरीर को और किन तरीकों से फायदा पहुंचाता है। भरपूर मात्रा में विटामिन C: आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है जो इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने का काम करता है।  आंवला कोल्ड, कफ के अलावा शरीर में वायरल और  बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होने देता है।  मुंह के छालों में उपयोगी:  हेल्थ एक्सपर्...

How to grow Lemon tree in a Pot? घर पर बर्तन में नींबू कैसे उगाएँ? देखें डिटेल्स

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 हम में से अधिकांश खाना पकाने के व्यंजनों में उपयोग किए जाने वाले खट्टे स्वाद के लिए बाजारों और दुकानों से नींबू खरीदते हैं।  वे बाजार, दुकानों और सस्ते में आसानी से उपलब्ध हैं।  आपके घर में बढ़ते नींबू न केवल आपके स्वास्थ्य का मार्गदर्शन करते हैं, बल्कि आपके अहाते की सुंदरता को भी बढ़ाते हैं।  साइट्रस लिमोन नींबू का वैज्ञानिक नाम है।  यह रुटेशी के परिवार का एक सदाबहार पेड़ है जो भारत का मूल निवासी है और मैक्सिको, चीन, अर्जेंटीना और ब्राजील में अच्छी तरह से बढ़ता है।   इसमें पीएच के साथ 2-6% साइट्रिक एसिड होता है जो 2.2 के आसपास होता है और स्वाद के लिए खट्टा होता है।  आमतौर पर पौधे 10-15 फीट की ऊँचाई तक बढ़ता है, जो कि किस्म पर निर्भर करता है।  नींबू का गूदा और छिलका पेय, खाना पकाने और पाक में उपयोग किया जाता है।   नींबू का पोषण:  नींबू विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत हैं।  इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और एंटीऑक्सिडेंट जैसे साइट्रिक एसिड, एरीओसिट्रिन और फ्लेवोनोइड भी शामिल...

World Yoga Day 2020 : " करें योग रहें निरोग", देखें योग दिवस पर मॉडर्न तकनीक

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योग भारत की प्राचीन विरासत है। जिसके माध्यम से ऋषि मुनि स्वस्थ रहा करते थे। धीरे-धीरे इसे आम जनमानस ने अपनाना शुरू कर दिया।  लेकिन ऋषियों द्वारा किया जाने वाला योग का ये स्वरुप अत्यंत कठिन होता था। जिसकी वजह से सामान्य मनुष्य के लिए उसे कर पाना काफी मुश्किल भरा था।  ऐसे में योग की नई मुद्राओं और आसन की खोज की गई। जिसे सभी जन आसानी से कर स्वस्थ शरीर पा सकें। बात करें योग के प्रकारों की तो इसके बहुत सारे प्रकार बताए गए हैं। जैसे कृपालु योग, इष्ट योग.कुंडलिनी योग, आनंद योग, शिवानंद योग, स्वरूप योग, विनियोग लेकिन हम आपको इन योग के सबसे प्रचलित योग के बारे में बताएंगे। अष्टांग योग : अष्टांग योग को राजयोग भी कहा जाता है। मूलत: यहीं योग सबसे ज्यादा प्रचलित है। महर्षि पतंजलि के बताए योग अष्टांग योग ही होते हैं। इस योग के आठ अंग है- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि।  इन आठों अंगों के अपने उप अंग भी  हैं। लेकिन ज्यादातर आम लोग इसके तीन अंगों को करते हैं। आसन, प्राणायाम और ध्यान। हठ योग: 'हठ' शब्द का प्रयोग जिद या जबरदस्ती के लिए कि...

ऐसे पता करें अपनी मजबूत इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता

कोरोना संक्रमण काल में शरीर के जिस सिस्टम या तंत्र पर लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान गया है, वह है हमारा इम्यून सिस्टम यानी हमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता।  हमारी इम्यूनिटी ही है, जो हमें बीमारियों से बचाती है। यह बैक्टीरिया, वायरस, फंगस जैसे टॉक्सिन्स से लड़ती है और हमारे शरीर को बीमार होने से बचाती है।  हमारी इम्यूनिटी मजबूत हो तो सर्दी, खांसी जैसे वायरल संक्रमण हमसे कोसों दूर रहते हैं।  मजबूत इम्यूनिटी के कारण ही फेफड़े, किडनी और लीवर के संक्रमण, हेपेटाइटिस और अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचाव होता है।  कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर शुरू से कहा जा रहा है कि जिसकी इम्यूनिटी कमजोर होगी, उसे संक्रमण का ज्यादा खतरा है। इसी के चलते तमाम डॉक्टर, विशेषज्ञ और स्वास्थ्य एजेंसियां इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने की सलाह दे रही हैं। दरअसल, हमारे आसपास कई तरह के संक्रामक तत्व या पैथोजंस होते हैं। हमें अंदाजा नहीं होता और हम खाने-पीने की चीजों के साथ उसे ग्रहण कर लेते हैं। प्रदूषण भरे वातावरण में तो सांस लेने के साथ ही हम नुकसानदेह तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं। हालांकि ऐ...

क्या आपके मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द है? करें योगासन जो छुटकारा दिलाएं जोड़ों में दर्द से

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आज के दौर में डेस्क जॉब और हर काम के लिए आरामदायक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना आम बात हो गया है।  ऐसे में मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी एक तरह से आम बात ही हो गया है क्योंकि शारीरिक गतिविधियों के बिना शरीर लचीला और फुर्तीला नहीं हो सकता है।  हालांकि, जोड़ों में दर्द की और वजह भी हो सकती है। वो अलग बात है कि दवाओं के उपयोग से इस दर्द से कुछ समय के लिए लाभ मिलता है लेकिन इसका प्राकृतिक उपचार योग में भी उपलब्ध है। योगा के कुछ आसनों का अभ्यास करने से दर्द जल्द लाभ मिलता है। तो आइए जानते हैं इन खास योगासनों के बारे में...   समतल जगह पर करें प्राणायाम: प्राणायाम करने के लिए किसी समतल जगह पर चटाई बिछाकर पालथी मारकर बैठ जाएं। अब बाएं नाक को दबाकर दाहिने नाक से सांस को अंदर करके दोनों नाकों से सांस को बाहर निकालें।  जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को प्राणायम करने से बहुत ही राहत मिलती है।  सुबह-सुबह साधारण प्राणायम करने से यह समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।   रोजाना करें सेतुबंधासन: सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों ...

गर्मियों में रोज पियें मिट्टी के घड़े का पानी, रहें स्वस्थ और बचें अनेक बीमारियों से

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इस समय लगातार गर्मी बढ़ते जा रही है। ऐसे में गर्मी से राहत पाने के लिए लोग फ्रिज में रखे हुए पानी का सेवन करते हैं। गर्मी के दिनों में फ्रिज के पानी से बेहतर है कि मिट्टी के घड़े में रखे हुए पानी का सेवन किया जाए।  वैज्ञानिक भी इस बात को मानते हैं कि मिट्टी के घड़े का पानी फ्रिज की पानी की अपेक्षा अधिक फायदेमंद होता है। पहले से जब फ्रिज नहीं हुआ करते थे तब मिट्टी के घड़ों में ही पानी रखा जाता था। आइए जानते हैं मिट्टी के घड़े का पानी का सेवन करने के फायदे..... मेटाबॅालिज्म को बूस्ट करने का काम करे घड़े का पानी : मिट्टी के घड़े का पानी मेटाबॅालिज्म को बूस्ट करता है। मिट्टी के घड़े में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होते हैं। Make Easy & Extra $ 450 / Mo For Free? Join a few amazing platforms कब्ज, एसिडिटी, पेट में ऐंठन जैसी पेट संबंधित समस्याएं दूर करे: मिट्टी के घड़े का पानी पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का काम करता है। कई शोधों में इस बात का दावा किया गया है कि मिट्टी के बर्तन में रखे हुए पानी का सेवन करने से कब्ज, एसिडिटी, पेट...

विश्व साइकिल दिवस 3 जून : सर्व सुलभ और गरीबों की भरोसेमंद साइकिल चलायें और सेहत बनायें

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साइकिल का हमारा जीवन में बहुत अधिक महत्व होता है। आज 3 जून है और 2018 से हर साल इस दिन को विश्व साइकिल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ये साइकिल ही है जो एक गरीब के पास भी होती है और अमीर के पास भी। आज साइकिल डे पर हम आपको बताएंगे साइकिल से होने वाले फायदों के बारे में।  सबसे पहले साइकिल:  बच्चा जब धीरे-धीरे बड़ा होता है तो उसे सबसे पहले साइकिल चलाना ही सिखाया जाता है।  साइकिल से ही गाड़ी सीखने की शुरुआत होती है। गरीबों की भरोसेमंद साइकिल गाड़ी:  साइकिल सबसे सस्ता साधन है।  जहां आपको दूसरा गाड़ियों में तेल के लिए पैसे खर्च करने होंगे।  वहाँ आपको साइकिल में ऐसा कुछ करने की आवश्यकता ही नहीं है।  स्वास्थ्य के साथ-साथ साइकिल आपके पैसे बचाने का काम भी करता है। सर्व सुलभ साधन साइकिल: साइकिल एक ऐसा वाहन है जिसकी पहुंच समाज के हर वर्ग तक है। बड़ी-बड़ी गाड़ियां सिर्फ कुछ लोगों के पास होती हैं परंतु साइकिल एक ऐसी चीज है जो गरीब से लेकर अमीर के पास भी होती है। इसका इस्तेमाल गरीब भी करता है और अमीर भी। वातावरण के लिए फायदेमंद है:  साइ...

कब्ज, गैस समेत पेट की हर समस्याओं के लिए करें योगा, जानें खास योगासन और उनका अभ्यास

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हमारे खानपान का सीधा असर हमारे सेहत पर पड़ता है। खानपान में अनियमितता और खराब जीवनशैली के कारण आज के समय में लगभग हर तीसरे व्यक्ति को पेट से जुड़ी कोई न कोई समस्या जरूर है। क्रिया-कलाप के अभाव और खराब खानपान के वजह से ही बच्चों में पेट के कीड़े और खराब पाचन शक्ति की समस्या देखने को मिलती है।  पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए आप अपने खानपान पर विशेष ध्यान रखते हुए कुछ योगासन का अभ्यास कर सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ खास योगासनों के बारे में बताएंगे, जिनके नियमित अभ्यास से पेट से जुड़ी हर समस्या दूर हो जाएगी। कपालभाति प्राणायाम: कपालभाति प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएं और अपनी हथेलियों को घुटनों पर रखें। अपनी हथेलियों की सहायता से घुटनों को पकड़कर शरीर को एकदम सीधा रखें। अब अपनी पूरी क्षमता का प्रयोग करते हुए सामान्य से कुछ अधिक गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को फुलाएं। इसके बाद झटके से सांस को छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खिंचे। जैसे ही आप अपने पेट की मांसपेशियों को ढीला छोड़ते हैं, सांस अपने आप ही फेफड़ों में पहुंच जाती है।  इस...

आँखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा हटाने के घरेलू नुस्खे, ऐसे आजमाएं

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आँखों की रोशनी कम होने की वजह है भोजन में विटामिन एकी कमी, जिस कारण से छोटी उम्र से ही आंखें कमजोर होने लगती हैं।  दूसरा कारण घंटों कंप्यूटर पर बैठकर काम करना या टेलीविजन देखना।  तीसरी वजह आँखों की पर ध्यान न देना।  ये कुछ कारण हैं जो आँखों की रोशनी को कम करते हैं और आपको चश्मा लगाने के लिए विवश करता है कुछ और कारण भी है जैसे की आधुनिक दौर में शुद्धता, काम का दबाव, तनाव, पोषण की कमी, अधिक पढाई जैसे कारकों के कारण लोग  के चश्मे के नंबर बढ़ते जा रहे हैं।   आँखों को धूल और इन्फेक्शन से बचाने के अलावा यहां कुछ ऐसे तरीके बताये जा रहे हैं जो आपकी आँखों की दृष्टि बढ़ा सकते हैं।  घरेलू उपचार द्वारा आँखों की रोशनी किस तरह बढ़ाई जा सकती है आइये जानते हैं।  आँखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू नुस्खे:   पहला प्रयोग: छः से आठ महीने तक नियमित जलनेति करने से और पाँव के तलवों और कनपटी पर गाय का घी घिसने से लाभ होता है।   दूसरा प्रयोग: 7 बादाम, 5 ग्राम मिश्री और 5 ग्राम सौंफ तीनों को मिलाकर उसका चूर्ण बनाकर रात्रि को सोने से पहले दूध के साथ लेने से न...

केसरी गुझिया - स्वाद और सेहत से भरपूर, खाएं और सेहत बनाएं

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केसरी गुझिया बनाने की विधि- सामग्री- 1 कटोरी मूंग की दाल 1 कटोरी मावा 1/2 कटोरी मैदा  1 कटोरी पिसी चीनी  3 बड़ा चम्मच देसी घी  8-10 धागा केसर  2 कटोरी चीनी  2 कटोरी पानी  2 बड़े चम्मच बारीक कटे हुए बादाम-पिस्ता  4-5 हरी इलायची रिफाइंड तेल तलने के लिए चांदी का वर्क सजाने के लिए ऐसे बनाएं केसरी गुझिया- दाल को 4-5 घंटे के लिए भिगोएं। उसके बाद इसे धोकर बारीक पीसें। एक कड़ाही में घी गरम कर मूंग पेस्ट को तब तक भूनें, जब तक कि उसका पानी न सूख जाए।  ध्यान रखें कि दाल में कोई गांठ न पड़े। एक अलग कड़ाही में मावे को भी भूनें। फिर दाल, मावा, हरी इलायची और पिसी हुई चीनी को एक साथ मिलाकर भरावन की सामग्री तैयार करें।  चीनी और पानी को लेकर एक तार की चाशनी बनाएं। चाशनी को साफ करने के लिए उसमें थोड़ा-सा दूध डालें। चाशनी के ऊपर जो भी गंदगी आए, उसे चम्मच से हटा दें। उसके बाद चाशनी में केसर भी मिला दें। अब मैदे में 3 बड़े चम्मच रिफाइंड तेल मिलाएं। फिर इसे मुलायम गूंथ लें। मैदे की छोटी-छोटी पूरियां बेलकर दाल वाले मिश्रण को रखें और गुझिया क...

Uric Acid Home Remedies ( यूरिक एसिड का घरेलू उपचार) : हाई यूरिक एसिड में रामबाण है धनिया पत्ता, ऐसे करें इस्तेमाल

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यूरिक एसिड एक ऐसा केमिकल है जो शरीर में तब बनता है जब शरीर प्यूरीन नामक केमिकल का संसाधन करता है यानि उसको छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ता है।  शरीर में जब यूरिक एसिड अधिक मात्रा में बनने लगता है तो इससे लोग कई बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं।  गठिया रोग, जोड़ों में दर्द, गाउट (एक प्रकार का गठिया) और सूजन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का एक आम कारण यूरिक एसिड का बढ़ना भी माना जाता है।  प्यूरीन केमिकल हमारे शरीर में खुद-ब-खुद तो बनते ही हैं, साथ में ये केमिकल कुछ फूड आइटम्स में भी मौजूद होते हैं । ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए क्या खाना फायदेमंद रहेगा और क्या नहीं। हाई यूरिक एसिड के लिए धनिया पत्ता का सेवन हो सकता है लाभदायक- यूरिक एसिड के मरीज इसलिए खाएं धनिया पत्ता: हरा धनिया में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, साथ ही इसमें डाइ-यूरेटिक गुण भी मौजूद होते हैं जिससे किडनी एक्टिव रूप से फंक्शन करने में सक्षम होता है।  इन सब के अलावा धनिया पत्ता में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण भी पाए जाते हैं जो ...

ये जादुई पौधे - जुकाम से राहत ही नहीं याददाश्त बढ़ाने में भी मदद करते हैं, जानें गजब के फायदे

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घर में पेड़-पौधे लगाना केवल सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि आपके घर की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है।  जानते हैं कुछ ऐसे पौधों के बारे में, जो बीमारियों के इस दौर में आपके घर की आबोहवा सुधारने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जब घर में पेड़-पौधे लगाने की बात हो  तो पहले बागवानी के एक्सपर्ट बनने की चिंता में न पड़ जाएं। रख-रखाव में कुछ बेहद आसान पौधों को चुनकर भी आप अपने घर को हरा-भरा बना सकते हैं। घर में हरियाली बिखेरने वाले कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जिन्हें कम से कम देखभाल की जरूरत पड़ती है, लेकिन उनसे आपको ज्यादा से ज्यादा सेहत का फायदा होता है।  ऐसे पौधों से आपको जुकाम में राहत से लेकर याददाश्त बढ़ाने जैसे फायदे भी होते हैं। नासा के एक अध्ययन के अनुसार घरेलू पौधे घर की हवा से 87 फीसदी तक विषाक्त तत्वों को साफ कर सकते हैं और, कुछ अध्ययन पहले से ही यह बता चुके हैं कि इनसे एकाग्रता में वृद्धि होती है, उत्पादकता बढ़ती है और सामान्य स्वास्थ्य भी अच्छा होता है।  सच तो यह है कि हरियाली को सिर्फ देखने भर से ही दिमाग को सुकून मिलता है और मूड अच्छा हो जाता है। Career in Food S...

सर्दियों में बाल झड़ते हैं? क्या डैंड्रफ से परेशान हैं?, यहां देखें कमाल का इलाज

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लहसुन बालों के स्वस्थ विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है।  लहसुन में सल्फर और सेलेनियम होते हैं, जो बालों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।  लहसुन न केवल बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है, बल्कि यह मौजूदा बालों को भी मजबूत बनाता है। लहसुन को पारंपरिक रूप से भोजन में एक अलग स्वाद लाने के लिए उपयोग किया जाता है।  इसके अलावा, लहसुन को विभिन्न बीमारियों को ठीक करने के लिए औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है।  स्वस्थ बालों के लिए भी लहसुन बेहद फायदेमंद है।  खासकर लहसुन उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी है जो बालों के झड़ने की समस्या से परेशान है।  जानते हैं कि लहसुन कैसे आपके बालों की ग्रोथ में मददगार है। Top career Making Options for women in India and Abroad डैंड्रफ से छुटकारा पाने के लिए:  लहसुन में एलिसिन एक एंटी-फंगल गुण होता है, जो कवक को मार सकता है।  यह ओलिक एसिड से भी संबंधित है, जो रूसी का कारण बनता है।  बालों की ग्रोथ के लिए कर्टचा लहसुन बेहद लाभदायक होता है।  इसमें विटामिन सी होता है।  लहसुन में मौजूद सेलेनियम बल्ड सरकुलेश...

गर्मी के दिनों में कोल्ड ड्रिंक की जगह पियें पानी, होंगे कई बड़े फायदे

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गर्मी के दिनों में पेय पदार्थों का सेवन बढ़ जाता है। अधिकांश लोग पूरे दिन तरह-तरह के पेय पदार्थ का सेवन करते हैं। जैसे कि सोडा या फिर कैफीन।  पर क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत के लिए कौन सा पेय पदार्थ अच्छा है। आपको बता दें कि पानी सबसे बढ़िया पेय पदार्थ है।  Government Job of Horticulture Inspector ; Learn Ability, Selection Process, Salary And Where Will Get Job? अगर आप इन पेय पदार्थों को छोड़कर सिर्फ पानी का सेवन करेंगे तो आपको कई तरह के बदलाव दिखेंगे। बहुत तेजी से कम होता है  वजन  आजकल के लाइफस्टाइल में हर कोई बढ़ते वजन से परेशान है। ऐसे में अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो सभी पेय पदार्थ को छोड़कर सिर्फ पानी पिएं। इससे वजन बहुत तेजी से कम होता है।  अध्ययन के अनुसार आप सारे पेय पदार्थ को छोड़कर सिर्फ पानी पीते हैं तो आप बहुत ज्यादा कैलोरी बर्न कर सकते हैं। Government service of food safety officer ; Learn Ability, Selection Process, Salary And Where Will Job Get?  ऊर्जा के स्तर  में होगी बढ़ोत्तरी पानी के साथ अपने सभी पेय ...