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रोजाना सुबह नींबू पानी पीने से पाचन तंत्र होता है मजबूत, इसके और भी हैं कई फायदे

 रोजाना सुबह उठकर पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसके कई फायदे होते हैं, लेकिन सादा पानी पीने की बजाय आप सुबह रोजाना नींबू पानी पी सकते हैं।  ये आपके वजन को तो नियंत्रित करता ही है, साथ ही इसके कई और फायदे भी होते हैं। नींबू में विटामिन सी और बी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, कार्बोहाइड्रेट आदि तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं।  नींबू पानी पीने से आप पेट से संबंधित कई परेशानियों से बचे रह सकते हैं। मधुमेह के रोगियों लिए भी एक गिलास सादा नींबू पानी फायदेमंद होता है।  आइए जानते हैं कि नींबू पानी पीने के क्या स्वास्थ्य फायदे होते हैं. सुबह उठकर नींबू पानी पीने से आपके शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे आपको लिवर से संबंधित परेशानियां नहीं होती हैं।  लिवर में जमा होने वाले विषैले पदार्थ भी हमारे शरीर के एक्स्ट्रा फैट को बढ़ाते हैं। रोजाना नींबू पानी पीने से पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है, जिससे आप अपने वजन को आसानी से कम कर सकते हैं। रोजाना सुबह उठकर नींबू पानी पीने से आप फ्रेश महसूस करते हैं। आपको पूरे दिन ताजगी का अहसास होता है। इसलिए...

मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए आयुर्वेद के घरेलू उपायों को अपनाना कारगर

 इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने के लिए डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ जिन चीजों के सेवन की सलाह दे रहे हैं, उन्हीं चीजों से एक महत्वपूर्ण चीज है— काढ़ा।  काढ़ा यानी एक तरह का आयुर्वेदिक ड्रिंक। प्राचीन काल से ही काढ़ा हमारे जीवन का हिस्सा रहा है। खासकर कोरोना काल में आयुर्वेद से दूर रही आबादी भी वापस इसकी शरण में लौटी है। इम्यूनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय पिछले कुछ महीनों में ज्यादा व्यवहार में लाए गए हैं।  मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए आयुर्वेद के घरेलू उपायों को अपनाना कारगर साबित हुआ है। आज हम उन्हीं कारगर उपयों के अंतर्गत कुछ विशेष प्रकार के काढ़ा पर बात करेंगे और इन्हें तैयार करने की विधि भी बताएंगे।  आयुर्वेद के मुताबिक, शरीर की इम्यूनिटी बना रखने के लिए तुलसी, अश्वगंधा, हल्दी, गिलोय आदि का काढ़ा पीना मददगार साबित हो सकता है।  इन चीजों का सेवन हाल के दिनों में काफी बढ़ा है। आयुर्वेदिक दुकानों में गिलोय का जूस, आंवला का जूस, अश्वगंधारिष्ट आदि तैयार भी मिलते हैं। लेकिन आप घर में जो आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार करते हैं, वह भी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। ...

क्या आपको डायबिटीज है? यदि हाँ तो ये फल डाइट में जरूर करें शामिल। देखें डिटेल्स

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 डायबिटीज एक बहुत ही आम बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है।  हालांकि लाइफस्टाइल की वजह से यह बीमारी अब लोगों में तेजी से बढ़ रही है जो कि चिंता का विषय है।   डायबिटीज की दर हर साल बढ़ती जा रही है और मौजूदा हालात में लोगों को अपनी सेहत पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है।  डायबिटीज तब होता है जब अग्न्याशय ब्लड शुगर को सही रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है।  इंसुलिन ना हो पाने की वजह से ब्लड शुगर कोशिकाओं में स्टोर नहीं हो पाता है जिसकी वजह से बॉडी में इसका लेवल अनियमित रूप से बढ़ने लगता है।  डायबिटीज बढ़ने की मुख्य वजह से ज्यादा मीठा खाना है।  इसके अलावा और भी कई कारण हैं जो डायबिटीज को बढ़ाने का काम करते हैं।   यह कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में उन पैरों को शामिल करें जो डायबिटीज को कम करने में मदद करते हैं।  अमरूद एक ऐसा फल है जो डायबिटीज को नियंत्रित रखने में मदद करता है।  अमरूद में एक खास तरह को पोषक तत्व पाया जाता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं ...

सेहत के लिए वरदान आंवला जूस ( Benefits of Amla) : पोषक तत्वों का राजा के देखें अनेक बड़े फायदे

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आंवले को पोषक तत्वों का राजा माना जाता है। आंवले में वो सभी जरूरी मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो शरीर को ना सिर्फ स्वस्थ रखते हैं बल्कि कई तरह की बीमारियों को भी बचाने का काम करते हैं।  आंवले को डाइट में कई तरीके से शामिल किया जा सकता है। आप इसे कच्चा खा सकते हैं, इसका जूस पी सकते हैं या फिर अचार या जैम बनाकर भी खा सकते हैं। आंवला हर रूप में आपको फायदा पहुंचाने वाला है। आंवले में ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर सेल्स से लड़ने का काम करते हैं।  आयुर्वेद के अनुसार, आंवले का जूस शरीर की सभी प्रक्रियाओं को संतुलित करता और त्रिदोष यानी वात, कफ, पित्त को खत्म करता है।  आइए जानते हैं आंवला शरीर को और किन तरीकों से फायदा पहुंचाता है। भरपूर मात्रा में विटामिन C: आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है जो इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने का काम करता है।  आंवला कोल्ड, कफ के अलावा शरीर में वायरल और  बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होने देता है।  मुंह के छालों में उपयोगी:  हेल्थ एक्सपर्...

How to grow Lemon tree in a Pot? घर पर बर्तन में नींबू कैसे उगाएँ? देखें डिटेल्स

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 हम में से अधिकांश खाना पकाने के व्यंजनों में उपयोग किए जाने वाले खट्टे स्वाद के लिए बाजारों और दुकानों से नींबू खरीदते हैं।  वे बाजार, दुकानों और सस्ते में आसानी से उपलब्ध हैं।  आपके घर में बढ़ते नींबू न केवल आपके स्वास्थ्य का मार्गदर्शन करते हैं, बल्कि आपके अहाते की सुंदरता को भी बढ़ाते हैं।  साइट्रस लिमोन नींबू का वैज्ञानिक नाम है।  यह रुटेशी के परिवार का एक सदाबहार पेड़ है जो भारत का मूल निवासी है और मैक्सिको, चीन, अर्जेंटीना और ब्राजील में अच्छी तरह से बढ़ता है।   इसमें पीएच के साथ 2-6% साइट्रिक एसिड होता है जो 2.2 के आसपास होता है और स्वाद के लिए खट्टा होता है।  आमतौर पर पौधे 10-15 फीट की ऊँचाई तक बढ़ता है, जो कि किस्म पर निर्भर करता है।  नींबू का गूदा और छिलका पेय, खाना पकाने और पाक में उपयोग किया जाता है।   नींबू का पोषण:  नींबू विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत हैं।  इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और एंटीऑक्सिडेंट जैसे साइट्रिक एसिड, एरीओसिट्रिन और फ्लेवोनोइड भी शामिल...

World Yoga Day 2020 : " करें योग रहें निरोग", देखें योग दिवस पर मॉडर्न तकनीक

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योग भारत की प्राचीन विरासत है। जिसके माध्यम से ऋषि मुनि स्वस्थ रहा करते थे। धीरे-धीरे इसे आम जनमानस ने अपनाना शुरू कर दिया।  लेकिन ऋषियों द्वारा किया जाने वाला योग का ये स्वरुप अत्यंत कठिन होता था। जिसकी वजह से सामान्य मनुष्य के लिए उसे कर पाना काफी मुश्किल भरा था।  ऐसे में योग की नई मुद्राओं और आसन की खोज की गई। जिसे सभी जन आसानी से कर स्वस्थ शरीर पा सकें। बात करें योग के प्रकारों की तो इसके बहुत सारे प्रकार बताए गए हैं। जैसे कृपालु योग, इष्ट योग.कुंडलिनी योग, आनंद योग, शिवानंद योग, स्वरूप योग, विनियोग लेकिन हम आपको इन योग के सबसे प्रचलित योग के बारे में बताएंगे। अष्टांग योग : अष्टांग योग को राजयोग भी कहा जाता है। मूलत: यहीं योग सबसे ज्यादा प्रचलित है। महर्षि पतंजलि के बताए योग अष्टांग योग ही होते हैं। इस योग के आठ अंग है- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि।  इन आठों अंगों के अपने उप अंग भी  हैं। लेकिन ज्यादातर आम लोग इसके तीन अंगों को करते हैं। आसन, प्राणायाम और ध्यान। हठ योग: 'हठ' शब्द का प्रयोग जिद या जबरदस्ती के लिए कि...

ऐसे पता करें अपनी मजबूत इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता

कोरोना संक्रमण काल में शरीर के जिस सिस्टम या तंत्र पर लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान गया है, वह है हमारा इम्यून सिस्टम यानी हमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता।  हमारी इम्यूनिटी ही है, जो हमें बीमारियों से बचाती है। यह बैक्टीरिया, वायरस, फंगस जैसे टॉक्सिन्स से लड़ती है और हमारे शरीर को बीमार होने से बचाती है।  हमारी इम्यूनिटी मजबूत हो तो सर्दी, खांसी जैसे वायरल संक्रमण हमसे कोसों दूर रहते हैं।  मजबूत इम्यूनिटी के कारण ही फेफड़े, किडनी और लीवर के संक्रमण, हेपेटाइटिस और अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचाव होता है।  कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर शुरू से कहा जा रहा है कि जिसकी इम्यूनिटी कमजोर होगी, उसे संक्रमण का ज्यादा खतरा है। इसी के चलते तमाम डॉक्टर, विशेषज्ञ और स्वास्थ्य एजेंसियां इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने की सलाह दे रही हैं। दरअसल, हमारे आसपास कई तरह के संक्रामक तत्व या पैथोजंस होते हैं। हमें अंदाजा नहीं होता और हम खाने-पीने की चीजों के साथ उसे ग्रहण कर लेते हैं। प्रदूषण भरे वातावरण में तो सांस लेने के साथ ही हम नुकसानदेह तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं। हालांकि ऐ...